संदेश

आहार लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

“सेल्फी के साथ स्वास्थ्य का संदेश : जागरूकता की नई पहल”

चित्र
  RSKS INDIA द्वारा संचालित सभी लाडो बालिका सेंटरों में स्वास्थ्य दिवस उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर बालिकाओं ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों और सेल्फी अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बालिकाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना ही नहीं था, बल्कि समाज को भी यह समझाना था कि स्वस्थ बालिका ही एक मजबूत और सशक्त समाज की नींव होती है। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने “स्वच्छ रहो, स्वस्थ रहो”, “पोषण है जरूरी”, और “स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है” जैसे संदेशों के साथ प्रेरणादायक सेल्फी लीं। इन सेल्फियों के माध्यम से समाज तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया। बालिकाओं ने व्यक्तिगत स्वच्छता, पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर भी चर्चा की। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा और स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई। स्वास्थ्य दिवस के आयोजन ने बालिकाओं को खुलकर अपनी बात रखने और नई चीजें सीखने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में संस्था के कार्यकर्ताओं और शिक्षकों ने बालिकाओं...

"स्वस्थ शरीर, स्वस्थ भविष्य : गरीब बच्चों को उचित पोषण संस्थान का न्यूट्रिशन अभियान"

चित्र
जीवन का संचालन करने के लिये हमारे शरीर का स्वस्थ रहना बहुत जरुरी है तभी हम जिंदगी के सभी कार्य अच्छे से संचालित कर पाएंगे और स्वस्थ जीवन यापन कर पाएँगे ! एक मानव शरीर को दिन भर में औसतन 2200 कैलोरी की आवश्यकता होती है ! यदि इस से काम मात्रा शरीर में जाये तो शरीर का वजन भी निरंतर घटने लगता है इसी क्रम में राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा गरीब, असहाय , निर्धन , झुग्गी झोपडी में रहने वाले बच्चें , स्ट्रीट व् निचली बस्ती के बच्चों के साथ वहां पर न्यूट्रिशन कैंप आयोजित किये जाते है ! जो उन बच्चों के साथ वह पर उनको भरपूर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, न्यूट्रिशन आदि देने का कार्य करते है।  झुग्गी झोपड़ी व् स्ट्रीट वाले बच्चों को गरीबी के चलते उचित मात्रा में न्यूट्रिशन पदार्थ मिल नहीं पता है। संस्था का उद्देश्य यही है की समाज के सभी बच्चों को उचित व् भरपूर मात्रा में कैलोरी व् न्यूट्रिशन की प्राप्ति होती रहे जिससे वो भी आम बच्चों के जैसे स्वस्थ रहे और निरोगी बन सके ! पोषण पदार्थ की कमी से शरीर में कुपोषणता आ जाती है इसे दूर करने के लिए भरपूर मात्रा में न्यूट्रिशन वस्तु का सेवन इन बच्चों...

भारत में कुपोषण की समस्या: विश्लेषण और समाधान

चित्र
कुपोषण का मतलब शरीर में पर्याप्त पोषक तत्वों की कमी को कहते हैं कुपोषणता तब होता है जब शरीर को सही व पूर्ण मात्रा में आवश्यक तत्व नहीं मिलते हैं। इसके कारण आहार की कमी, पाचन की अवस्थाएं ,या कोई अन्य रोग शामिल है। इसमें शरीर एकदम निर्बल हो जाता है। थकान,चक्कर के लक्षण दिखाई देते हैं और मानसिक विकलांगता तक आ जाती है। व इसके कारण शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है जिससे वे कई तरह की बीमारियों के शिकार बन जाते हैं। भारत में कम मात्रा में भोजन करने पर कुपोषण विकसित होता है। कम आय वाले लोगों में भोजन की कमी बहुत आम बात है। खाने या पोषक तत्वों को अवशोषित करने में कठिनाई के कारण पुराने संक्रमण कैंसर,टी बी की बीमारी वाले लोगों को भूख कम लगती है। राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा इस हेतु गरीब,निर्धन,असहाय,बेरोजगार, बेसहारा,विकलांग, मानसिक रोगी,गरीब बच्चों को स्लम एरिया के लोग,विधवा महिलाएं,व गरीब मरीजों के साथ हाइजीन फूड वितरण कार्यक्रम व राशन वितरण कार्यक्रम संस्था द्वारा किए जाते हैं, जिससे इनके शरीर के लिए जरूरी तत्व वाली समस्त रसोई खाद्य सामग्री उनको दी जाती है जिससे उनमें कुप...