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छतरी बनी सहारा, बारिश में सुरक्षित हुए जरूरतमंद बच्चे

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राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान (RSKS इंडिया) द्वारा सड़क किनारे, स्लम बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ियों एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बारिश से बचाव के लिए छतरियों का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मानसून के दौरान लगातार बारिश होने से खुले और असुरक्षित स्थानों पर रहने वाले बच्चों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्कूल आने-जाने, दैनिक आवश्यकताओं के लिए बाहर निकलने तथा अन्य कार्यों के दौरान बारिश में भीगने से उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए संस्था ने बच्चों तक छतरी पहुंचाने की पहल की। कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद बच्चों को छतरियां वितरित की गईं। छतरी पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। कई परिवारों के लिए बारिश के मौसम में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक साधन जुटाना कठिन होता है। ऐसे में संस्था द्वारा उपलब्ध कराई गई छतरी उनके लिए उपयोगी सुरक्षा साधन साबित हो सकती है। बच्चों को समझाया गया कि बारिश के समय छतरी का उपयोग करते हुए स्वयं को यथासंभव बारिश के पानी से बचाएं और भीगने के बाद गीले कपड़े जल्...

"सर्दी से राहत, मानवता की सेवा : ठंडी हवाओं में गरमाहट संस्था का कम्बल वितरण अभियान"

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मानव जीवन में यदि शरीर का बचाव पूर्णतया किया जाए तो जीवन के सभी कार्य सुगमता से पूर्ण होते है यदि शारारिक कष्ट मिले तो अक्षमता, लाचारी, बीमारी और कभी- कभी मृत्यु भी हो सकती है समाज का का ऐसा ही वंचित वर्ग हमारे शहर के आसपास झुग्गी- झोपड़ी ,स्लम , स्ट्रीट, डेरों व् गन्दी बस्तियों में प्राय देखने को मिल जायेगा।  जो अपनी गरीब व् लाचारी के चलते स्वयं का शारारिक बचाव करने में असमर्थ होते है इस भीषण सर्दी में शरीर को गर्म वस्त्रों  से आवरण करना बहुत जरुरी है। नहीं तो इसके कारण ये बीमार हो सकते है।  गरीबी समाज का वो कलंक है जिसमे ये गरीब सदा पिसते रहते है। राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा इनको इस सर्दी से बचने हेतु गर्म कम्बलों का वितरण किया जाता है।  संस्था उन स्थानों पर जाकर गरीब बच्चों , महिला, पुरुष, असक्षम लोगों को सर्दी बचाव हेतु गर्म कम्बल प्रदान करते है। अपनी गरीबी, लाचारी, विवशता के कारण यह अपनी जरूरतों को कभी पूरा नहीं कर पाते है। कोई न कोई वस्तु या अन्य का इनको हमेशा अभाव बना रहता है। एक मानव की सच्चे भाव से सेवा करना मानवता कहलाता है हमे यह भाव रख निस्वार्थ ...

"शिक्षा की ताकत : शिक्षा के माध्यम से परिवर्तन बच्चों के लिए आयोजित शैक्षिक शिविर"

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राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान के तत्वाधान में शहर के झुग्गी झोपड़ी , स्लम, स्ट्रीट व् गन्दी बस्तियों व् डेरों के गरीब बच्चों के साथ 6 दिवसीय शैक्षणिक शिविर का आयोजन किया गया।  जिसमे उनको प्राथमिक अक्षर ज्ञान ,पहाड़े, कहानियां, कवितायेँ  आदि पढ़ाये व् गुणवत्तापूर्ण तरीके से सिखाये जाते है।  यह निशुल्क प्रशिक्षण शिविर हमें सामाजिक बुराइयों से दूर रखने असहायों की सहायता करने तथा संसाधनो के उपयोग के लिए क्षमता और कौशल को विकसित कर राष्ट्र की समृद्धि में सहायक होता है।  यह जीवन में कुशलता पूर्ण अनुशासन एवं व्यवहार सिखाता है।  शिक्षा बेहतर जीवन जीने का साधन और साध्य दोनों है। यह अन्धकार से प्रकाश की और ले जाने वाला कार्यक्रम है।  शिक्षा के बिना लोग गरीबी और पिछड़ेपन की अंतर पीढ़ीगत चक्र में फसं जाते है।  इस कार्यक्रम में इन बच्चों को प्राथमिक अक्षर ज्ञान, चिन्हों की पहचान, फल, सब्जी, पौधो आदि के नाम, पहाड़े, गिनती, कविता, कहानियाँ,व्यवहार, अनुशासन, दिनचर्या, शारारिक स्वास्थ्य आदि बातों पर महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी जाती है जो इनके भविष्य  सकारात्मकता का वर्धन ...

शारीरिक स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य: झुग्गी झोपड़ी के बच्चों के लिए प्रेरणादायक कार्यक्रम

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राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा शहर के आसपास स्लम एरिया , झुग्गी झोपड़ी वाले इलाके ,निचली बस्ती व् डेरो  बच्चों के साथ 1 दिवसीय स्वच्छ रहे स्वस्थ रहे कार्यक्रम करवाये जाते रहते है यहाँ इन बच्चों को शारारिक स्वच्छता का ज्ञान दिया जाता है ! जिसमे उन्हें नहाना, धोना, शौच नित्यक्रम, सफाई, साफ कपडे पहनना, स्वस्थ भोजन करना, नाख़ून व् बाल नियमित समय पर कटवाना व् बीमारियों से बचाव की बातें समझाई जाती है ! इसके साथ उनको खेलकूद के द्वारा भी प्रोत्साहित किया जाता है ! व् साथ ही व्यायाम के कुछ तरीके भी बताये जाते है की किस तरह वो अपने शरीर को स्वच्छ व् स्वस्थ रख सके ! स्वस्थ रहने के लिए पूरी नींद लेना अति आवश्यक है ! और साथ ही खुश रहना भी जरुरी है ! आज हमारा भारत भी स्वच्छता  को अधिक महत्व दे रहा है ! जिसमे कोई व्यक्ति किसी भी बीमारी से ग्रसित न हो और अपना स्वस्थ जीवन यापन करें ! संस्थान द्वारा इन सभी बच्चो को एक सकारात्मक बदलाव की और प्रेरित किया जाता है ! स्वयं मई खुश रहना एक मनोवैज्ञानिक प्रकिर्या है जिसमे उसकी कई अवस्थाये काम करती है ! इसमें शारारिक स्वास्थ्य बाहरी  स्थितियों ...

सामाजिक उत्थान का आधार : गरीब बच्चों को स्वास्थ्य सुरक्षा का अधिकार

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 मेरा नाम शंकरदास है। मैं नाचन बावड़ी स्लम इलाके में रहता हूं। यहाँ सभी बेहद गरीब तबके के परिवार निवास करते हैं। मेरी उम्र 11 वर्ष है मेरे परिवार की आय बहुत ही कम है जिसके कारण हम केवल अपना भरण पोषण ही कर पाते हैं। बाकी आवश्यकताओं की पूर्ति हमारी नहीं हो पाती है जिसका हमें हमेशा ही अभाव रहता है। हमारे यहां राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान संस्था द्वारा वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रम कराए जाते हैं, जिसमें अभी सभी गरीब बच्चों को ट्रैकसूट वितरण का कार्य भी हमारे यहां किया गया। राजस्थान समग्र कल्याण संस्था द्वारा गरीब बच्चों को ट्रैक सूट वितरण कार्यक्रम में संस्था सदस्यों ने सर्दी से हो रहे इस प्रकोप के कारण बच्चों का स्वास्थ्य सही रहे इसके लिए सभी निर्धन गरीब बच्चों को संस्था की तरफ से सभी गरीब निधऺन बच्चों को ट्रैक सूट वितरण किया, जिसमें वह अच्छे से अपना ख्याल रख सके और इस सर्दी से अपने स्वास्थ्य का बचाव कर सकें। सभी बच्चे इस उपहार से बेहद खुश थे। इससे बच्चों में सर्दी से बचाव होगा।बच्चों को सर्दी से बचाव के तरीके वह साधन बताए गए जिसमें सर्दी में क्या खाया जाए, वह क्या-क्या पहना जाए। वह किस ...

आशा जगाना: राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान के साथ शहरी झुग्गी-झोपड़ियों में शिक्षा के अंतर को पाटना

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मेरा नाम अनीता है। मैं एक पार्ट टाइम टीचर का जॉब करती हूं जिसमें समाज के पिछड़े,गरीब ,असहाय झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चे वह शहर की गंदी बस्तियों के पास रहने वाले बच्चों को शिक्षा संबंधी अक्षर ज्ञान गिनती पहाड़े, कविताएं कहानियां ,खेलकूद ,व प्रतियोगिताओं के माध्यम से उनके बौद्धिक स्तर व मानसिक स्तर सुधारने का कार्य करती हूं जिससे उनमें पढ़ने की भावना का विकास हो और अक्षर ज्ञान से वह सब शिक्षा के महत्व को अच्छे से समझ सके। राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा अजमेर के कई पिछड़े स्लम भागों में स्ट्रीट व खानाबदोश बच्चों के लिए यह शिक्षा का कार्य किया जा रहा है इस कार्य में मैं 2 वर्ष से जुड़ी हूं। इन बच्चों के पास ना तो रहने की जगह है ना खाने की और ना ही पढ़ाई करने का कोई साधन इनके पास उपलब्ध है। तो उनकी पढ़ाई वह इनका अध्ययन ज्ञान कैसे संभव हो सके ? राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा लगभग शहर की 35 जगह पर यह कार्यक्रम किए जाते हैं। जहां पर बड़ी संख्या में उन बच्चों को पाठशाला के रूप में बैठकर समस्त विषयों का अध्ययन करवाया जाता है। जिसमें सभी बच्चे बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं और शिक्षा के...