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संवाद से सशक्तिकरण : गारमेंट ट्रेनिंग सेंटर में पीटीएम का आयोजन

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  RSKS India द्वारा संचालित गारमेंट मेकिंग ट्रेनिंग सेंटर में ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं के साथ एक विशेष पीटीएम (Parent Teacher Meeting) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बालिकाओं के माता-पिता को आमंत्रित किया गया, ताकि प्रशिक्षण, शिक्षा और बालिकाओं के विकास से जुड़े विषयों पर खुलकर संवाद किया जा सके। कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों और प्रशिक्षकों के बीच बेहतर समझ एवं सहयोग स्थापित करना था। पीटीएम के दौरान प्रशिक्षकों और अभिभावकों के बीच संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बालिकाओं की उपस्थिति, सीखने की प्रगति, व्यवहार और भविष्य के अवसरों पर चर्चा की गई। अभिभावकों ने अपनी बेटियों के प्रशिक्षण और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में संस्था के प्रयासों की सराहना की। वहीं प्रशिक्षकों ने परिवारों को यह समझाया कि बालिकाओं को शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ना उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए कितना आवश्यक है। RSKS India का यह प्रयास केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम में अभिभावकों को बालिका...

वर्ल्ड हेल्थ डे : स्वस्थ बालिकाएँ, उज्ज्वल भविष्य

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RSKS India द्वारा संचालित लाडो बालिका सेंटर में समस्त बालिकाओं के साथ उत्साहपूर्वक वर्ल्ड हेल्थ डे मनाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को अच्छे स्वास्थ्य, स्वच्छता और संतुलित जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों एवं जागरूकता सत्रों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। वर्ल्ड हेल्थ डे के अवसर पर बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में बताया गया। शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बच्चियों को समझाया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही सफलता की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े खेल, प्रश्नोत्तरी और समूह चर्चाएँ भी आयोजित की गईं, जिनमें बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। RSKS India की इस पहल ने बालिकाओं को यह समझने का अवसर दिया कि स्वास्थ्य केवल बीमारी से दूर रहने का नाम नहीं, बल्कि एक बेहतर और खुशहाल जीवन की आधारशिला है। बच्चियों को साफ-सफाई बनाए रखने, नियमित हाथ धोने, पर्याप्त पानी पीने और पौ...

शिक्षा से सशक्त बेटियाँ : एजुकेशन डे का प्रेरणादायक आयोजन

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  RSKS India द्वारा संचालित पाठशाला में बालिकाओं के साथ “बालिका शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम” के अंतर्गत एजुकेशन डे उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और शिक्षा से जुड़े विभिन्न गतिविधियों, चर्चाओं एवं प्रेरणादायक सत्रों में हिस्सा लिया। एजुकेशन डे के दौरान बालिकाओं को शिक्षा के अधिकार, आत्मनिर्भरता और समाज में महिलाओं की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बालिकाओं को बताया कि शिक्षा ही वह सबसे मजबूत माध्यम है, जो उन्हें आत्मविश्वासी और सशक्त बना सकता है। कार्यक्रम में कई प्रेरणादायक कहानियाँ और उदाहरण साझा किए गए, जिससे बालिकाओं में आगे बढ़ने और पढ़ाई जारी रखने की नई ऊर्जा दिखाई दी। कार्यक्रम के अंतर्गत बालिकाओं ने पोस्टर मेकिंग, भाषण, प्रश्नोत्तरी और समूह चर्चा जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भी भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चियों ने शिक्षा के महत्व को अपने विचारों में व्यक्त किय...

स्वच्छता का संकल्प: लाडो बालिका केंद्र में मनाया गया स्वच्छ भारत अभियान

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राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान (RSKS India) द्वारा संचालित एक पहल, लाडो बालिका केंद्र में युवा बालिकाओं के सहयोग से 'स्वच्छ भारत अभियान' (स्वच्छ भारत मिशन) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं और व्यापक समुदाय के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, तथा स्वच्छ और स्वास्थ्यकर वातावरण बनाए रखने के महत्व पर ज़ोर देना था। इस आयोजन के दौरान, बालिकाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और स्वच्छता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। अभियान के एक हिस्से के रूप में, केंद्र परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में एक सफाई अभियान चलाया गया। सफाई गतिविधियों में स्वयं सक्रिय रूप से भाग लेकर, बालिकाओं ने जनता को एक सशक्त संदेश दिया: कि स्वच्छता केवल एक दिन का कार्य नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का एक मौलिक दायित्व है। संगठन के कर्मचारियों ने बालिकाओं को कचरे के उचित निपटान, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की। इसके अतिरिक्त, हाथ धोने की आदत और व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी आदतों को अपनाने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया...

रचनात्मक सीख की ओर एक कदम

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RSKS इंडिया द्वारा संचालित लाडो बालिका सेंटर की बालिकाओं को पर्यावरण संरक्षण और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से बर्ड हाउस वितरित किए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में पक्षियों और प्रकृति के प्रति प्रेम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। यह कार्यक्रम बालिकाओं के लिए सीखने और जागरूकता बढ़ाने का एक प्रेरणादायक प्रयास साबित हुआ। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को पक्षियों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और जीव-जंतुओं के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें यह भी समझाया गया कि गर्मी और बदलते पर्यावरण के कारण पक्षियों को सुरक्षित स्थान और भोजन की आवश्यकता होती है। बर्ड हाउस के माध्यम से बालिकाओं को प्रकृति से जुड़ने और पक्षियों की देखभाल करने की प्रेरणा मिली। इस गतिविधि ने बालिकाओं में रचनात्मक सोच, जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया। बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक बर्ड हाउस को समझा और पक्षियों की सुरक्षा के प्रति अपनी रुचि व्यक्त की। इस प्रकार की पहल बच्चों में सामाजिक और नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। RSK...

“मेरा बचपन, मेरा अधिकार” — बाल विवाह उन्मूलन की ओर सशक्त कदम

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  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा “My Childhood, My Right” कार्यक्रम के अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम एवं उन्मूलन हेतु एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना तथा उन्हें सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक बचपन प्रदान करना था। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक विकास में बाधक है—इसी गंभीर मुद्दे को केंद्र में रखते हुए समुदाय को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों, किशोर-किशोरियों और समुदाय के प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और बच्चों के मौलिक अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई। सहभागियों को यह समझाया गया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसर ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। बालिकाओं को आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई। राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान का यह प्रयास न केवल बाल विवाह ...

जरूरतमंद कन्याओं के लिए शादी में मदद और सहयोग

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  विवाह किसी भी समाज में जीवन का महत्वपूर्ण अवसर होता है, लेकिन गरीब परिवारों के लिए यह खुशी आर्थिक कठिनाइयों के कारण अक्सर तनाव का कारण बन जाती है। ऐसे परिवारों की बेटियों का विवाह करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है क्योंकि शादी के लिए आवश्यक खर्च और जरूरी सामग्री जुटाना मुश्किल होता है। इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए RSKS India ने गरीब कन्याओं के लिए विवाह हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने का कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य न केवल परिवारों की आर्थिक मदद करना था, बल्कि बेटियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को भी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम के तहत RSKS India ने चयनित जरूरतमंद कन्याओं को विवाह के लिए आवश्यक सभी सामग्री उपलब्ध कराई। इसमें शादी के लिए कपड़े, बर्तन, घरेलू सामान, और आर्थिक सहायता शामिल थी। इससे परिवारों को भारी आर्थिक बोझ से राहत मिली और वे बेटी की शादी को सम्मान और खुशी के साथ संपन्न कर सके। टीम ने परिवारों को यह भी समझाया कि कन्याओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का यह पहलू सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं था, बल्कि सामाजिक जागरूकत...

''बचपन से समानता की शिक्षा: एक चित्रकारी पहल''

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राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वार (आरएसकेएस इंडिया) द्वारा हाल ही में ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में लैंगिक समानता विषय पर एक विशेष चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों को लैंगिक समानता के महत्व से परिचित कराना और उनके अंदर इस विषय पर जागरूकता बढ़ाना था। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी राय को रचना के माध्यम से प्रस्तुत किया। बच्चों ने समाज में लड़का-लड़की के बीच समान अधिकार, शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को दर्शाया और यह संदेश दिया कि भलाई केवल अधिकार नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों ने यह समझाने का प्रयास किया कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए पुरुष और महिला दोनों को शामिल करना जरूरी है। बच्चों के निबंध में यह स्पष्ट है कि वे केवल रंग से नहीं, बल्कि अपने विचारों से भी लैंगिक भेदभाव को खत्म करने का संदेश दे रहे हैं। कई बच्चों ने महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समाज में अपनी भूमिका को बड़े पैमाने पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के ...

लैंगिक आधारित हिंसा के खिलाफ एकजुटता – RSKS India का जागरूकता अभियान

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  लैंगिक आधारित हिंसा (Gender-Based Violence) समाज की एक ऐसी पीड़ा है, जो महिलाओं, किशोरियों और कमजोर वर्गों के अस्तित्व और आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुंचाती है। यह न केवल शारीरिक पीड़ा देती है, बल्कि मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से भी व्यक्ति को तोड़ देती है। भारत जैसे देश में, जहाँ पितृसत्तात्मक सोच अब भी कई स्थानों पर जड़ें जमाए हुए है, वहाँ इस मुद्दे पर खुलकर बात करना और समाज को संवेदनशील बनाना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य को लेकर RSKS India ने एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य लैंगिक हिंसा के खिलाफ जनचेतना पैदा करना और पीड़ितों को सहयोग और समर्थन प्रदान करना था। इस एक दिवसीय कार्यक्रम में ग्रामीण स्कूल के बालक वे बालिकाओं के साथ यह कार्यक्रम सम्पादित किया  गया।कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा लैंगिक हिंसा के प्रकार, इसके दुष्परिणाम, और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। बालिकाओं को 'ना' कहने का अधिकार, आत्म-संरक्षण के तरीके, और हिंसा के प्रति चुप्पी तोड़ने का साहस देने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ कराई गईं। सहभागियों को यह भी बताया गया कि क...

"स्वास्थ्य की ढाल: झुग्गी-झोपड़ीवासियों को मलेरिया से सुरक्षा हेतु मच्छरदानी वितरण"

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राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान (RSKS India) द्वारा शहरी क्षेत्रों की झुग्गी-झोपड़ियों, स्लम और सड़कों पर जीवन यापन कर रहे गरीब एवं वंचित परिवारों को मलेरिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचाव हेतु मच्छरदानी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल उन समुदायों के लिए विशेष रूप से लाभकारी रही, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सीमित है और मलेरिया जैसी बीमारियाँ प्रतिवर्ष गंभीर संकट का रूप ले लेती हैं। संस्था ने वितरण से पूर्व लाभार्थियों की सूची बनाकर पारदर्शी ढंग से यह सामग्री वितरित की। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को मच्छरदानी का सही उपयोग कैसे किया जाए, इस पर भी जागरूकता प्रदान की गई। संस्था के स्वयंसेवकों ने समझाया कि साफ-सफाई, ठहरे हुए पानी से बचाव और रात्रि में मच्छरदानी का प्रयोग मलेरिया को रोकने में अत्यंत कारगर उपाय हैं। यह वितरण सिर्फ एक सामग्री नहीं, बल्कि एक सुरक्षात्मक कवच था, जिससे वंचित परिवार अपने बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बीमारियों से सुरक्षित रख सकें। गर्मी व बरसात के मौसम में मच्छरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह पहल समय की बड़ी आवश्यकता थी। RSKS India का यह प...

"लैंगिक समानता की ओर: बच्चों में जागरूकता और बदलाव की दिशा में कदम"

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हमारे जीवन में लिंग  आधारित  भेदभाव एक गहरी समस्या रही है । जो कई वर्षो से हमारे जीवन का हिस्सा रही है। लेकिन धीरे धीरे समय के साथ यह सोच बदल रही है और अब हम यह मानते है की लड़के और लड़कियां दोनों को सामान अधिकार और अवसर मिलने चाहिए।  इस दिशा में कई स्कूलों में लैंगिक समानता पर जागरूकता  फैलाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है इन कार्यक्रमों का उद्देश्य  बच्चों को यह समझाना है की लिंग के आधार  पर  किसी  प्रकार  का  भेदभाव  नहीं  होना  चाहिये । ग्रामीण  स्कूल  में  भी  लैंगिक समानता कार्यक्रम का आयोजन  किया  गया , जिसमे  स्कूल  की  सभी  बालिकाओं  को शामिल  किया गया।   इस कार्यक्रम का उद्देश्य लड़कियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज में उन्हें सामान अवसर देने की आवश्यकता पर बल देना था।  इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लड़कियों को यह समझाना था की किसी भी कार्य के लिए लड़को से कम नहीं है। लिंग के आधार पर किसी को भी पीछे नहीं रखना चा...

"हिंसा मुक्त जीवन: झुग्गी बस्तियों में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षा और शिक्षा"

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  आजकल हमारे समाज में झुग्गी बस्तियों में रहने वाली महिलाओं और बच्चों का जीवन बहुत कठिनाइयों से भरा हुआ है इनमें से कई महिलाओं और बच्चें हिंसा के शिकार होते है जो शारारिक , मानसिक और यौन उत्पीड़न के रूप में सामने आती है यह इस बात पर केन्दिरत है की झुग्गी बस्तियों में महिला हिंसा के मुद्दे को कैसे समझा जाता है और इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाये जा सकते है राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान का मानना है झुग्गी बस्तियां आमतौर पर अव्यवस्थित , संकुचित और संसाधनों की कमी वाली होती है। यहाँ के निवासी मुख्य रूप से कम आय वाले होते है और रोजगार के अवसर भी सिमित होते है ऐसे माहौल में महिलाओं और बच्चों का शोषण अधिक होता है।  महिलाओं की शिक्षा कम होती है। और वे परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिये कई बार घरेलु हिंसा का सामना करती है लेकिन सामाजिक ताने बाने की वजह वे इसे सहन करती है।  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा प्रतिनिधि इन स्थानों पर जाकर इन बच्चों को सेल्फी , बैनर , प्रशोत्तरी , गतिविधियां , व्याख्यान, आदि माध्यम से जानकारियां देते है जिसमें महिला हिंसा रोकथाम के उपाय बताये जा...

"महिला हिंसा के खिलाफ जागरूकता : समाज में समानता और सुरक्षा का संदेश"

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महिला हिंसा मानवीय व्यवहार का वो कृत्य है जो मानवता को शर्मशार करता है। और समाज में हमारी गिरी हुई मानसिकता को दर्शाता है। हमारे आस- पास महिला हिंसा के कई रूप प्राय हमें देखने को मिल जाते है जिसमें एक पुरुष प्रधान समाज की नकारात्मक छवि प्रकट होती है। महिला को सामान अवसर और समानता न देना , उनका शोषण व् विरोध करना, और किसी सम्मानीय अवस्था में न लाना महिला हिंसा को प्रदर्शित करता है। महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा दुनिया के सबसे प्रचलित मानवाधिकार उलांघनो में से एक है। जो दुनिया के हर कोने में हर दिन कई बार हो रही है। इसका महिलाओं और लड़कियों पर गंभीर अल्पकालिक और दीर्धकालिक शारारिक, आर्थिक,मनोवैज्ञानिक परिणाम होता है। जो समाज में उनकी पूर्ण और समान भागेदारी को रोकता है।  व्यक्तियों और परिवारों व् पुरे समाज के जीवन में इसके प्रभाव की भयावहता अथाह है।  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा शहर के झुग्गी-झोपड़ी ,स्लम, स्ट्रीट, डेरों में व् निचली बस्तियों के बच्चों के साथ महिला हिंसा रोकथाम व् नियम कानून के बारे में जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इस 1 दिवसीय कार्यक्रम में बालिकाओ के ...

"गरीब बच्चों की सर्दी से सुरक्षा: राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान का ट्रैक सूट वितरण अभियान"

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राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा मेक ए विश कार्यक्रम के तहत स्ट्रीट बच्चों को ट्रैक सूट व् मिठाई का वितरण किया गया। संस्थान द्वारा शहर के लगभग 26 स्थानों पर 525 बच्चों को ट्रैक सूट दिया गया।  संस्था हर सर्दी के मौसम में इन जरूरतों से वंचित बच्चों को बचाव हेतु पूर्ण ध्यान रखती है।  यह समाज के वो वंचित परिवारों के बच्चें होते है जो प्रकार से अपनी जरूरतों व् आवश्यकताओ की नहीं कर पाते है और न ही अपने तन का बचाव कर पाते है। समाज का यह वर्ग सदा कोई न कोई अभाव में जीवन यापन करता रहता है।  बीते कई दिनों में मौसम में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। ठंड को देखते हुये संस्था ने यह कार्यक्रम किया। शहर की इन गरीब बस्तियों में रहने वाले गरीब परिवार के बच्चें सर्दी के इस मौसम में ठिठुरन को मजबूर है।  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान का यह मानना है यह कार्य मात्र गर्म वस्त्रों की वितरण ही नहीं करेगा बल्कि सर्दी से बचाव कर उनके शरीर व् प्राणों की रक्षा भी करेगा। जो उनके लिए यथा संभव नहीं हो पाता है।  कही न कहीं चाह कर भी यह प्रयास ये लोग नहीं कर पाते क्योंकि गरीबी का जाल इनको ज...

"जल की महत्ता और संरक्षण पर जागरूकता: समाज में बदलाव लाने की कोशिश"

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जल का संरक्षण मानव जीवन संरक्षित करने के समान है बिना जल के जीवन की व्याख्या करना अधूरा सा है जल हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण है यह सबको ज्ञात है वर्षा के जल को हम किस तरह से संग्रहित करके उसे अपने दैनिक जीवन में उपयोग के योग्य बना सकते है और किस तरह समाज को जल संरक्षण का अर्थ व् पानी बर्बादी तथा प्रदूषण को रोकने के लिए हम प्रेरित कर सकते है यह सभी बाते इस कार्यक्रम में स्कूली छात्र - छात्राओं के मध्य की जाती है और इस विषय पर गहनतम पूर्व विचार लिए व् दिए जाते है ! राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा 1 दिवसीय इस विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया जाता है !  संस्था द्वारा पोस्टर, सेल्फी, नारे, रैली, सम्बोधन, संवाद, चित्रकला, अभिव्यक्ति और अनेको गतिविधियों के माध्यम से यह बातें इनको समझाई जाती है ! संस्था के कुशल प्रतिनिधि इस कार्यक्रम को संचालित करते है और साथ ही जो भी विषय मानव जीवन के लिए ख़तरा बने हुए है उसका समाधान योजना बहुत आवश्यक है वही तो हमारी आने वाली पीढ़ियों को और अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा ! समय रहते हमे इसके बचाव के उपाय खोजने होंगे तभी इस समस्या से हमे निजात पा ...

"आर्थिक स्वतंत्रता: वित्तीय साक्षरता का महत्व एवं नई आर्थिक संभावनाएँ "

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  हमारा भारत बदल रहा है देश व समाज सभी प्रकृति की राह में अग्रसर है जो नए आयामों से अवगत करवाता है और सभी को जागरूक व् सजग बनाता है ! इसी क्रम में राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान अजमेर द्वारा ग्रामीण महिलाओं के साथ वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम किया है जिसमें उनको आधुनिकतम तरीकों के उपयोग के बारे में बताया जाता है जिसमें उनको डिजिटल लेन देन के लिए प्रोत्साहित करना है ! व् इनके जरिये नगदी रहित आर्थिक प्रणाली को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है इसके कई लाभ हमे देखने को मिलते है लोगों को समय पर जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है ! इसमें अप्रत्याशित स्थितियों का सामना करने में मदद मिलती है वित्तीय साक्षरता के लिए बजट बनाना ,कमाई करना , निवेश करना , ऋण प्रबंधन और निरंतर शिक्षा जैसे कौशल सिखने होते है यह हमे कुशल प्रबंधन करना सिखाता है ! राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा इन्हें बैंकिंग व्यवस्थाओं के बारे में बताया व् समझाया जाता है ! जिसमें बैंक की समस्त जानकारियां समाहित होती है ! जो उन्हें आर्थिक सुविधा व् जानकारियां प्राप्त करवाती है ! इन सभी बातों का अर्जन करना हमारे जीव...

जल की शक्ति और जिम्मेदारी: स्कूली गतिविधियों और जागरूकता का महत्व

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मेरा नाम मुकेश चौधरी है ! मैं अजमेर के पास एक सरकारी स्कूल में टीचर हूँ  ! व् स्कूल में विज्ञान पढ़ाता हूँ ! जो यथार्थ को सर्वोत्तम स्थान देती है ! ऐसे मिथक जो समाज को गुमराह करते है ! उन सभी का जवाब विज्ञान के पास होता है ! हमारे देश, दुनिया, में बहुत सारे मुद्दे चल रहे है ऐसा ही एक मुद्दा है ! जो वर्तमान में चिंता का विषय है ! वह जल है ! जल की हमारे जीवन में क्या अहमियत है ! यह बात सभी को पता है ! मानव शरीर का निर्माण 65 / जल से बना होता है ! हम बिना भोजन किये तो कई दिनों तक रह सकते है ! परन्तु जल के बिना जीना संभव नहीं होगा ! पानी हमारे जीवन के हर कामों में अति आवश्यक है ! जो हमारी दैनिक पूर्ति को पूरा करता है !  इसी विषय को लेकर हमारे स्कूल प्रागण में अजमेर की राजस्थान समग्र कल्याण संस्थांन द्वारा स्कूली बच्चों के साथ जल जागरूकता कार्यक्रम किया जिसमे सभी को जल के प्रति जागरूक करने की बात बताई गई ! संस्था ने बताया हमें किस तरह जल का मितव्यता के साथ उपयोग करना चाहिये , उसको प्रदूषित होने से बचाना चाहिये ,वृक्षारोपण कर उसके संचय होने पर ध्यान देना चाहिये व् वर्षा के जल को व्य...

जल जागरूकता एक विश्वसनीय पहल की जरूरत

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जल हमारे जीवन का पर्याय है इस से ही जीवन का संचालन होता है ! यह हमारे दैनिक रोजमर्रा की सभी जरूरतों के लिए बहुत जरुरी है हमारी इस दुनिया में स्वच्छ पीने योग्य पानी मात्र 2 / ही है ! हमको इसके संचय करने के अनेको साधन खोजने होंगे तभी हम अपनी पीढ़ी को सुरक्षित रख पाएंगे ! इसी विषय को लेकर आज पूरी  दुनिया में इसको लेकर चिंतन किया जा रहा है ! जिसको लेकर कई सरकारें ,देश, संस्थाए, निकाय इस विषय पर प्रोत्साहन व् जागरूकता कार्यक्रम कर लोगो को सजग कर रहे है ! ताकि सभी इसके प्रति जागरूक बन सके ! इसे सबसे अच्छा बनाने के लिए हमे आने वाली सभी पीढ़ीयों को जागरूक बनाना होगा तभी इसे हम आगे तक बढ़ा पाएंगे ! नव चेतना यदि सजग व् जागरूक हो तो फिर कोई भी कार्य मुश्किल नहीं होता ! राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा ऐसे ही ज्वलन्त मुद्दों को स्कूली बालक-बालिकाओ के साथ कार्यक्रम सम्पादित करती है ! जिसमे उनको पोस्टर प्रदर्शन, व्याख्यान, रैली, खेलकूद, सेल्फी, अभिभाषण, अभिव्यक्ति, नाट्य मंचन, वाद-विवाद , विचार विमर्श व् कई प्रारूपों से समझाने व् बताने का कार्य करती है ! जिसको देख समझ कर सभी बालक बालिकाएं अति ...

ऋतु स्त्राव चक्र और प्रजनन स्वास्थ्य: राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा बालिकाओं को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

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मेरा नाम प्रिंयका है मैं कक्षा 10 वी की छात्रा हूँ मेरे माता पिता किसान है हमारी वार्षिक जरूरतें सब खेती कार्य से सम्पन होती है घर में एक भाई व् एक बहन है हम सभी स्कूल में अध्ययनरत है एक दिन मुझे बहुत तेजी से पेट में दर्द हुआ जो बहुत असहनीय था यह बात मैंने अपनी माँ को बताई तो उन्होंने मुझे ऋतू स्त्राव चक्र के बारे बताया और कहा महिलाओ के लिए होना बहुत जरुरी है और उन्होंने मुझे सेनेटरी पेड उपयोग करने को कहा व् सलाह दी ! 5  दिन बाद मुझे राहत महसूस हुई ! फिर यह प्रकिर्या हर माह होने लगी ! वह मुझ में शारारिक बदलाव भी होने लगे जिसको में किसी को बतला नहीं पाती थी ! इसके कुछ दिनों पश्च्यात हमारी स्कूल में राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा स्कूली बालिकाओ के शिक्षा विकास को लेकर एक कार्यक्रम किया गया ! जिसमे सभी स्कूली बालिकाओ को यौन प्रजनन एवं जागरूकता कार्यक्रम हमारे साथ किया गया ! इस कार्यक्रम में बताया गया किस तरह बालिकाओ में 13 से 15 वर्ष की उम्र में ऋतु स्त्राव चक्र प्रारम्भ होता है ! और यह कब तक रहता है कैसे महिला व् पुरुषों में शारारिक बदलाव होते है और जननांग विकसित होते है ! कैसे...

एक पिता की संघर्ष और समर्पण गरीब परिवार की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम

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मेरा नाम भेरूलाल है मैं एक फुटकर मजदूरी कार्य करता हूँ ! मेरे घर पर पत्नी व् 2 बेटियाँ  है व् दोनों स्कूल पढ़ने जाती है ! मैं एक निरक्षर पिता हूँ ! जो सभी की जानकारी नहीं रख सकता हूँ परन्तु मेरी पत्नी और मैंने शादी के 2 वर्ष बाद अपनी पहली पुत्री को जन्म दिया जो पूर्णता स्वस्थ थी इसमें मैंने पत्नी को पूर्ण आहार जैसे प्रोटीन , विटामिन, व् खाने पिने की सभी जरूरतों का ध्यान रखा !जब यह बच्ची 3 वर्ष की हुई तब मेरी पत्नी को दूसरा गर्भ धारण करवाया ताकि माँ और बच्चा स्वस्थ्य बने रहे ! दूसरी बच्ची होने के बाद मैंने ऑपरेशन करवा लिया क्योकि 2 से ज्यादा बच्चो का लालन पालन मैं अच्छे से नहीं कर पाता ! अंत यही मेरे लिए सब कुछ है मैंने अपनी लड़कियों  को हमेशा लड़को की तरह पाला व् बड़ा किया ! उन्हें वो हर बात कहने की आजादी दी जो सभी के हित में ही हो, मेरी पत्नी भी मेरे कार्यो में पूर्णता सहयोग करती है !  मेरी सबसे बड़ी बेटी 9 क्लास में है व् छोटी 6 क्लास में है ! बच्चियाँ धीरे धीरे बड़ी हो रही है मेरी पत्नी उनके शारारिक विकास, समस्याएं व् कुछ भी बात हो उनका विशेष ध्यान रखती है ! एक बेटी अपनी माँ...