सेव द स्पैरो: नन्हे परिंदों के संरक्षण की एक सार्थक पहल
प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गौरैया जैसे छोटे पक्षी हमारे पर्यावरण का अभिन्न हिस्सा हैं, लेकिन बदलते शहरीकरण, पेड़ों की कमी और भोजन-पानी के सीमित स्रोतों के कारण इनके लिए प्राकृतिक आवास और पर्याप्त दाना-पानी उपलब्ध कराना चुनौती बनता जा रहा है। पक्षियों के संरक्षण और बालिकाओं में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान (RSKS इंडिया) द्वारा ग्रामीण स्कूलों में “सेव द एनवायरनमेंट” कार्यक्रम के अंतर्गत “सेव द स्पैरो” अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण स्कूलों की बालिकाओं के साथ गौरैया एवं अन्य पक्षियों के संरक्षण को लेकर चर्चा की गई। बालिकाओं को बताया गया कि पक्षियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना हम सभी की जिम्मेदारी है। गर्मी एवं बदलते मौसम में पक्षियों को आसानी से पानी और भोजन उपलब्ध हो सके, इसके लिए घरों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर दाना-पानी की व्यवस्था करने के लिए उन्हें प्रेरित किया गया। अभियान के तहत स्कूल प्रशासन को बर्ड हाउस तथा दाना-पानी रखने के लिए फीडर ...