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ग्रामीण स्कूल में पक्षी संरक्षण की पहल, बच्चों ने लिया पर्यावरण बचाने का संकल्प

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  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान (RSKS India) द्वारा ग्रामीण स्कूल में विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं पक्षी संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में पक्षियों के लिए फीडर तथा पक्षियों के रहने के लिए चिड़िया घर वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति प्रेम एवं संवेदनशीलता विकसित करना था। फीडर और चिड़िया घर पाकर बच्चों में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने पक्षियों की देखभाल करने में रुचि दिखाई। कार्यक्रम में बालिकाओं और विद्यार्थियों को समझाया गया कि पक्षी हमारे पर्यावरण और प्राकृतिक जीवन-चक्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पेड़ों की कटाई, लगातार घटते प्राकृतिक आवास, पानी की कमी और बदलते पर्यावरण के कारण पक्षियों के लिए भोजन एवं सुरक्षित स्थानों की उपलब्धता प्रभावित होती है। ऐसे में घरों, स्कूलों और आसपास के स्थानों पर पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण प्रयास हो सकता है। बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे नियमित रूप से फीडर में साफ पानी...

वन्यजीव संरक्षण में राजस्थान समग्र कल्याण संस्था का अभियान, संकल्प, व योगदान

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राजस्थान समग्र कल्याण संस्था पिछले 32 वर्षों से कई विभिन्न मुद्दों पर काम कर रही है जिसमें महिला सशक्तिकरण ,जल ,पर्यावरण, शिक्षा, लीडरशिप, उद्यमिता, कौशल विकास ,बाल कल्याण ,व महिला विकास जैसे बहुत सारे कार्य समाहित है। इन्हीं कार्यों की श्रृंखला में राजस्थान समग्र कल्याण संस्था द्वारा वृह्रद पैमाने पर सेव द वर्ड चिड़ियाघर कार्यक्रम अभियान किया जाता है जिसका उद्धेश्य प्रकृति से प्रेम वह जीव रक्षा है। गौरैया एक छोटा सा पक्षी है जो पहले यहां संख्या में बहुत थे । परंतु अब इसकी प्रजाति संकटमय स्थिति में है। इसके लिए एक अभियान के माध्यम से राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा प्रकृति प्रेमियों को चिड़ियाघर में फिडर दिए जाते हैं, जिन्हें वह अपने घर,कार्यालयों में लगाकर इस बेजुबांन विलुप्त होते जींव (पक्षी ) की रक्षा कर सकें और इसकी वृद्धि करवा कर इस प्रकृति में अपना भी सहयोग प्रदान कर सकें। राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा इस वर्ष लगभग 350 चिड़ियाघर वह उनके खाने हेतु 350 फीडर व्यक्तिगत,स्कूल,कॉलेज,सरकारी कार्यालयों,हॉस्पिटल, व उद्यानों में टीम के द्वारा लगवाए गए। यह प्रेरणा स्रोत कार्य प्...

पक्षियों के विलुप्त होने के खतरे से लड़ते हुए: राजस्थान समग्र कल्याण संस्था का प्रयास

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हमारी इस दुनिया में लाखों प्रकार की जीव निवास करते हैं जिसमें कई तो बहुत बड़े व कई छोटे जीव पशु पक्षी यहां रहते हैं। भारत के हर घर आंगन में पहले गौरैया पक्षी पाई जाती थी, परंतु पर्यावरण प्रदूषण से, खान-पान का अभाव से और इस बढ़ते तापक्रम से इनकी संख्या नगण्य हो गई है। बचपन में हम भी चिड़िया के लिए घर बनाते थे और उनके खाने-पीने के लिए दाना भी डालते थे। सुबह-शाम यह संख्या में बहुतायत रूप से हमें मिलती थी परंतु अब यदा कदा देखने को ही मिलती है। और इनकी संख्या में भारी कमी आई है। मैंने इस बार बच्चों के जन्मदिन पर उनके लिए कुछ अलग नया सोचा मैंने अपनी सहेली के द्वारा पता किया कि राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान संस्था द्वारा गौरेया संरक्षण हेतु चिड़िया घर प्रदान करती है। फिर मैं उनके कार्यालय जाकर चिड़िया घर प्राप्त किया और देखा उनके कार्यालय के बाहर पेड़ों पर हजारों चिड़िया चहल-पहल कर रही थी। यह देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई।  फिर मैंने अपने बच्चे के जन्मदिन पर उसको यह चिड़ियाघर उपहार में दिया। मेरा बच्चा बहुत खुश हो गया। हमने अपने घर के बाहर छांव वाली जगह पर इसको लगाया और देखरेख करने लगी कु...