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"ग्रामीण महिलाओं की सशक्तिकरण यात्रा: जीवन कौशल और उद्यमिता का प्रभाव"

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आज के युग में महिला सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं बल्कि एक आवश्यकता  बन चुका है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाऐं सामाजिक और आर्थिक रूप में पिछड़ी हुई है। और उनके पास संसाधनो की कमी होती है हालांकि समय के साथ यह बदलाव आ रहा है और महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में से एक महत्वपूर्ण पहल है " जीवन कौशल और उद्यमिता विकास कार्यक्रम " जो ग्रामीण महिला के जीवन में बदलाव लाने का एक प्रभावी तरीका बन चुका है। राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के साथ जीवन कौशल और उद्यमिता विकास कार्यक्रम अति उत्साह के साथ करवाए जा रहे है।  ग्रामीण महिलाओं के लिये जीवन कौशल और उद्यमिता विकास की आवश्यकता अत्यंत महत्व पूर्ण है अधिकांश ग्रामीण महिलाऐं सिमित शिक्षा और संसाधनो के कारण अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पाती है। जीवन कौशल का मतलब केवल बुनियादी शिक्षा और प्रबंध से नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता , आत्मविश्वास और समस्या को हल की क्षमता विकसित करने से है वही उद्यमिता विकास उन्हें अपने हुनर को पहचानने और उससे आर्थिक सशक्त...

"व्यावसायिक प्रगति और जीवन कौशल: ब्यूटी पार्लर महिलाओं के लिए सशक्तिकरण"

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सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के कौशल विकास हेतु राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया। आज के युग में महिलाऐं हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है ब्यूटी पार्लर का क्षेत्र भी इससे अलग नहीं है जहाँ महिलाऐं अपनी मेहनत और कौशल से न सिर्फ अपने परिवार को सशक्त कर रही है बल्कि अपने सपनों को भी साकार कर रही है।  हालांकि यह यात्रा कभी भी आसान नहीं होती। इन महिलाओं को अपने काम में सफलता प्राप्त करने के लिए सिर्फ तकनीकी कौशल ही नहीं बल्कि जीवन कौशल की भी आवश्यकता होती है इसी आवश्यकता को समझते हुये कई संस्थाये ब्यूटी पार्लर की महिलाओं के लिये " जीवन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम " आयोजित करती है जो उनकी सफलता के रास्ते को और भी आसान बनाता है।  संस्थान का मानना है इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पार्लर की महिलाओं को उनके व्यवसाय और व्यक्तिगत विकास में सफलता और सहायता प्रदान करता है।  प्रत्येक महिला को अपने व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने के लिए तकनीकी कौशल ही नहीं बल्कि व्यावसायिक और जीवन कौशल की भी जरुरत होती है।  ये कौशल उन्हें अपने क...

"महिला हिंसा के खिलाफ सामूहिक संघर्ष : हिंसा को खत्म करने की दिशा में कदम"

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महिलाओं पर हिंसा इसकी एक लम्बी गाथा है जहाँ यह हमेशा शोषण का शिकार होती रही है। कभी तो शारारिक रूप से तो कभी मानसिक रूप से हुई है ।  यहाँ हमे समाज का वो विकृत चेहरा देखने को मिलता है ।  जिसकी कल्पना करना बहुत मुश्किल है समाज में इन्हे भी समानता का वही अधिकार है जो एक पुरुष को प्राप्त होता है  । परन्तु कभी-कभी ये सब किताबी बातें लगती है। हमे समाज में सबसे पहले शिक्षा के प्रचार प्रसार को बढ़ाना होगा  तभी हम इसके सबल रूप के सकारात्मक प्रभाव से ये सब दूर कर सकते है। बालिका शिक्षा इसको रोकने का माध्यम बन सकता है। शिक्षा ही जीवन में नकारात्मकता को दूर करती है। और अच्छे सदगुणों का जीवन में विकास करती है। महिला हिंसा एक गंभीर सामाजिक समस्या है जो समाज के हर क्षेत्र फैली है। यह एक ऐसी समस्या है  । जो महिलाओं के शारारिक, मानसिक, और भावनात्मक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है इस हिंसा को रोकने के लिये हम सबको सकारात्मक कदम उठाने होंगे।  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान के प्रतिनिधि ऐसे स्थानों पर जाकर जहाँ जीवन की हर आवश्यकता का आभाव हो उन महिलाओं के सकल उत्थान के लिये महिला ...

"बालिकाओं के जीवन कौशल और नेतृत्व की ओर एक कदम"

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  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान वर्ष भर स्कूली बालिकाओं के साथ कई विषयों पर कार्यक्रम करवाती रहती है संस्था का यह मानना है की आज के बदलते दौर में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है बल्कि यह बच्चों के सर्वागीण विकास को बढ़ावा देने वाली एक प्रक्रिया बन गई है। विशेष रूप से बालिकाओ के लिए जीवन कौशल और नेतृत्व क्षमता पर आधारित कार्यक्रम अत्याधिक महत्वपूर्ण है क्योकि ये न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाते है बल्कि उन्हें समाज में एक मजबूत और आत्मनिर्भर व्यक्तित्व के रूप में विकसित होने में मदद करते है।    संस्था प्रतिनिधियों के द्वारा उनको सेल्फी, व्याख्यान, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर प्रदर्शन, व् गेम के माध्यम से जीवन कौशल व् लीडरशीप के बारे में गहनतापूर्वक जानकारी दी। जीवन कौशल वह क्षमताये है जो किसी व्यक्ति को निर्णय लेने और जीवन को संतुलित तरीके से जीने के लिए मदद करती है जीवन कौशल के अंतर्गत आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन, संवाद कौशल, और तनाव प्रबंधन जैसे पहलु आते है। इन कौशलों का विकास बालिकाओं में उनके मानसिक, सामाजिक, और भावनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।...

"हिंसा मुक्त जीवन: झुग्गी बस्तियों में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षा और शिक्षा"

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  आजकल हमारे समाज में झुग्गी बस्तियों में रहने वाली महिलाओं और बच्चों का जीवन बहुत कठिनाइयों से भरा हुआ है इनमें से कई महिलाओं और बच्चें हिंसा के शिकार होते है जो शारारिक , मानसिक और यौन उत्पीड़न के रूप में सामने आती है यह इस बात पर केन्दिरत है की झुग्गी बस्तियों में महिला हिंसा के मुद्दे को कैसे समझा जाता है और इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाये जा सकते है राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान का मानना है झुग्गी बस्तियां आमतौर पर अव्यवस्थित , संकुचित और संसाधनों की कमी वाली होती है। यहाँ के निवासी मुख्य रूप से कम आय वाले होते है और रोजगार के अवसर भी सिमित होते है ऐसे माहौल में महिलाओं और बच्चों का शोषण अधिक होता है।  महिलाओं की शिक्षा कम होती है। और वे परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिये कई बार घरेलु हिंसा का सामना करती है लेकिन सामाजिक ताने बाने की वजह वे इसे सहन करती है।  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा प्रतिनिधि इन स्थानों पर जाकर इन बच्चों को सेल्फी , बैनर , प्रशोत्तरी , गतिविधियां , व्याख्यान, आदि माध्यम से जानकारियां देते है जिसमें महिला हिंसा रोकथाम के उपाय बताये जा...

"स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का कौशल विकास और सामाजिक सशक्तिकरण आत्मनिर्भरता की ओर "

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जीवन में अपनी दक्षता, क्षमता और कौशल को बढ़ावा व् उसके साथ अपने जीवन को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करना ही जीवन कौशल है यह आम व्यक्ति को श्रेष्ठ  बनाने में कारगार सिद्ध होता है। स्वयं सहायता समूह एक संगठित महिलाओं का समूह है जिसमें अनुशासन, क्षमता, बचत, ऋण, कौशल आदि सभी का समावेश होता है ग्रामीण महिलाओं के साथ कौशल विकास कार्यक्रम उनकी क्षमताओ को बढ़ाकर आजीविका संचालन के लिए प्रेरित करता है। यह विकास की दर को भी बढ़ाता है और उनके नेतृत्व करने में उनको मदद करता है। राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा 1 दिवसीय जीवन कौशल विकास कार्यक्रम लगभग 15 स्वयं सहायता समूहो के साथ करवाया गया। जिसमें लगभग 170 महिलाओं ने भाग लिया।  स्वयं सहायता समूहों ने महिला सशक्तिकरण पर ध्यान देना शुरू कर दिया है जिसके परिणामस्वरूप देश भर में महिला केंद्रित स्वयं सहायता समूहों का गठन हुआ है। जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के लिये संस्थागत ढांचा उपलब्ध कराना तथा कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देना है। जिसमें लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आये। जो विविध आय सृजन गतिविधियों में कुशल महिलाओं के सामाजिक ...

"जीवन कौशल और उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं में आत्मनिर्भरता का विकास"

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राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्व्रारा चलाये जा रहे गारमेंट मेकिंग प्रशिक्षण में संस्था के 1 दिवसीय महिला जीवन कौशल विकास कार्यक्रम प्रशिक्षण यथा स्थान पर आयोजित किया गया।  जिसमे उनको जीवन की चुनौतियों का सामना करना और पने लक्ष्य को निर्धारण करने हेतु सक्षम बनना शामिल है।  इन कौशल में धन का प्रबंध कैसे करे, अच्छा स्वास्थ्य हम बनाये रखे, सभी के साथ मजबूत सम्बन्ध रखें, अपने समय को किस प्रकार प्रभावी बनायें एवं अपने जीवन के उद्देश्य को कैसे पूरा करें ! यह सभी बिन्दुओ पर उनको यह प्रशिक्षण दिया गया। विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से युवाओं में कार्य के लिए पारस्परिक और मनोसामाजिक कौशल विकसित करना है।  यह अनुकूली तथा सकारात्मक व्यवहार की वो योग्यतायें है जो व्यक्ति विशेष को दैनिक जीवन की मांगो और चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए सहारा बनती है।  संस्था प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में उनको पोस्टर, सेल्फी, बैनर, अभिव्यक्ति, साँप सीढ़ी गेम, गिलास गेम, अखबार गेम, त्रिपाल गेम, पत्थर से घर बनाना, और उत्साह और कौशल सम्बंधित खेल इन महिलाओं के साथ खेलें गए। जिसमे ...

"शिक्षा का शक्तिशाली प्रभाव: संस्थान द्वारा बालिका शैक्षिक सामग्री वितरण कार्यक्रम"

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जहां शिक्षा शब्द आ जाये वहां जीवन में सकारात्मकता के सिवा और कुछ नहीं हो सकता है। सभी उत्तम सद्गुण , व्यवहार और अनुशासन हमे शिक्षा से ही प्राप्त होते है।  शिक्षा ही जीवन को दिशा निर्देशित करती रहती है जो भविष्य निर्माण करने में हमे सहायता प्रदत करती है।  इसकी पुष्टि से मस्तिष्क में सदा नए और उत्तम विचारों  का उदभव होता रहता है जो हमारी कार्य प्रणाली को सुव्यवस्ठित और सुचारु रूप से संचालित करती है।  ज्ञान और शिक्षा बहुआयामताओं को विकसित करती है।  शिक्षा का मतलब ज्ञान, सदाचार, उचित आचरण, तकनीकी शिक्षा , तकनीकी दक्षता ,विद्या आदि को प्राप्त करने की प्रक्रिया को कहते है।  शिक्षा का तात्पर्य स्कूली शिक्षा या निर्देशों के माध्यम से प्राप्त ज्ञानं और समग्र रूप से शिक्षण संस्थान से भी है।  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा पाठशाला में व्यक्तियों की जन्मजात क्षमता को विकसित करना शामिल है। शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य के रूप में व्यक्तित्व के सामंजस्यपूर्ण विकास का सभी प्रगतिशील शिक्षाविदों ने समर्थन किया है। संस्था द्वारा पाठशाला में इस वर्ष में  शैक्षणि...

"प्रशिक्षण के साथ आत्मनिर्भरता: महिलाओं के लिए नई दिशा"

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आत्मनिर्भरता जीवन की वो सीढ़ी है जो जीवन में सफलतायें लाती है और आत्मविश्वास को जगाती है एक आत्म  निर्भर व्यक्ति कभी आश्रित नहीं रहता उसका कार्य सदा उसको आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहता है ! इसी क्रम में राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा ग्रामीण महिला युवा शक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु संस्था द्वारा खापरी ग्राम में 90 दिवसीय गारमेंट मेकिंग ट्रेनिंग का शुभांरभ किया गया ! जिसमे लगभग 40 महिलाओं ने भाग लिया ! यह कार्यक्रम ग्राम में पड़े लिखे बेरोजगार महिला शक्ति को प्रोत्साहित करता है जो प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकती है और जीवन में अपनी आय बढ़ा सकती है !  संस्था द्वारा यह कार्य प्रक्रियात्मक रूप से पूर्ण किया जाता है जिसमे सर्वप्रथम जो इस कार्यक्रम के लिए इच्छुक महिलायें है उन्हें चिन्हित किया जाता है फिर घर जाकर उनके परिवार के साथ विचार विमर्श कर उन्हें प्राथमिक तालिका में अंकित कर दिया जाता जाता है प्रशिक्षण प्रारम्भ होने पर जो  भी  महिला  शक्ति  तालिका के क्रम के अनुसार यथावत रहती है उसे प्रशिणार्थी मान कर प्रशिक्षण शिविर ...

संकल्प और मेहनत से सशक्त जीवन की ओर- आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम

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मेरा नाम गीता है मेरे परिवार में मेरे पति व् 2 बच्चे हम सब साथ रहते है पति फुटकर मजदूरी करते है जो जीवन संचालित करने हेतु काफी नहीं है ! साथ ही बच्चे भी स्कूल  जाते है उनका खर्चा निकालना भी बहुत मुश्किल हो जाता है ! फिर मैंने गांव में चल रहे स्वयं सहायता समूह में अपना नाम लिखवाया व् उसकी गतिविधियों में भाग लेने लगी ! धीरे धीरे मैंने अपने ध्यान  विदेशी कपडे की डिजाइन कार्य में लगाया !  ऐसे कपड़ो की   हर घर में हर महिला को जरुरत होती है ! यह कार्य अच्छी आय प्राप्त करने में मेरी मदद करने लगा ! जिसमे मैं घर की जरूरतों के खर्चे के अलावा समूह से प्राप्त ऋण की भी चुकौती करने लगी !  स्वयं सहायता समूह की महिलाओँ को आत्मनिर्भर बनाने की वो प्रक्रिया है जिसमे बचत, ऋण, चुकौती, अनुशासन, आर्थिक गतिविधिया व् प्रशिक्षण इत्यादि सिखाये जाते है व् उनके सफलतम गुर बताये जाते है की कैसे हम व्यवस्थित रूप से अपने जीवन का संचालन कर अपनी जरूरतें अपनी आर्थिक गतिविधियो से पूरी कर सकते है ! यह ग्रामीण महिलाओ के लिए एक सशक्त माध्यम है जो बाकी दुनिया में लाकर एक महिला को क्रियात...

ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना- आशा और आत्मनिर्भरता का मार्ग

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मेरा नाम सुनीता है मैं एक बहुत गरीब और विधवा महिला हूँ मेरे 1 बेटा है जो बहुत छोटा है पहले तो जैसे तैसे मैं अपना गुजारा कर लेती थी परन्तु बच्चे की शिक्षा, घर खर्च की वृद्धि को देखते हुए मेरा कार्य करना बहुत जरुरी था ! लेकिन मुझे कोई राह , दिशा , जानकारी प्राप्त न होने के कारण दिल में डर का भाव बना रहता था ! फिर पड़ोस की महिला के द्वारा मुझे स्वयं सहायता समूह के बारे में पता चला ! जिसमे सभी महिलायें मिलकर एक समूह गठित करती है और अपनी छोटी छोटी बचतों से एक दूसरे की मदद करती है यह बात जानकार मैंने एक समूह में अपना नाम लिखवा लिया और अपनी समूह के बचत के माध्यम से अपनी छोटी मोटी जरूरतों को इसी से पूरा करने लगी ! परन्तु मैं स्वयं का अपना कोई रोजगार डालना चाहती थी ! फिर हमारे समूह को 1 वर्ष पश्चायत बैंक से ऋण प्राप्त हुआ और फिर मैंने अपने कृषि  कार्य को प्रारंभ किया ! धीरे धीरे मैंने इस कार्य से प्राप्त राशि को बैंक किश्त रूप में अपने ऋण में चुकौती करवाई ! अपने इस कार्य को करने में पूर्ण स्वतंत्र हो गई ! स्वयं सहायता समूह महिलाओ को वो मंच प्रदान करता है जहां पर उसे अपने विचार अभिव्यक्त...

"महिला शिक्षा और उद्यमिता - ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक स्थिति में सुधार

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मेरा नाम भंवर लाल नायक है मैं अजमेर के पास कायड़ ग्राम का रहने वाला हूँ ! ग्रामीण जीवन और परिवेश बहुत सीधा साधा सा होता है जिसमे आधुनिकतम ज्ञान, विज्ञानं की जानकारियों की कमी अक्सर बानी रहती है ! जिसके कारण कभी कभी परिस्थितियां विपरीत बन जाती है ! इसका शिकार अधिकतर महिलाये ही होती है क्योकि बालिका शिक्षा, बाल विवाह, स्त्री शिक्षा पर रोक आदि बातें उन तक जानकारी पहुंचने नहीं देते ! एक महिला भी बाहर की दुनिया देखना चाहतीं है खुद को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है और साथ ही स्वयं को समाज में स्थापित भी करना चाहती है परन्तु साधन और संसाधनो के अभाव में वो इस विषय पर कार्य नहीं कर पाती है ! यदि इनको सही राह और ज्ञान हो जाये तो यह अपना विकास स्वयं कर सकती है !  इसी विषय पर हमारे ग्राम में राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा 1 दिवसीय उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम रखा गया ! जिसमें महिलाओं के लिये उनके कौशल को उन्नत करने हेतु कई प्रकार की गतिविधियां इस कार्यक्रम में शामिल थी ! जिसमे उनकी समझ अच्छे से विकसित हो सके ! और वह भी रुचिअनुरूप अपने कार्य का चयन कर उस विषय की समस्त जानकारी भी प्राप्त कर सके...

स्वस्थ शरीर, स्वस्थ विचार: महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में पहल

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शारीरिक स्वच्छता एवं स्वास्थ्य मानव जीवन की वो स्वास्थ्य विशेषता है जो उसे निरोगी काया प्रदान करता है और ऊर्जा का संचार करता है ! इसलिये भारतीय शास्त्रों में भी कहा जाता है `` पहला सुख निरोगी काया `` यह बात पूर्ण सार्थक सिद्ध होती है एक स्वस्थ शरीर में स्वस्थ विचारों का जन्म होता है और वह द्रस्टिपटल पर पूर्ण रूप से कार्य करते है ! परन्तु आज भी हमारे ग्रामीण जीवन का परिवेश वही पुराणी आदतों और परम्पराओ से घिरा है जहां मानवीय विचारधाराएं आज भी संकीर्ण और संकुचित है मैं भी एक ग्रामीण महिला हूँ मेरा नाम विजयलता है मैं कक्षा 8 वीं मई पढ़ती हूँ ! और इस विषय पर थोड़ी जानकारी रखती हूँ !   राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा हमारे गांव में बी हैप्पी बी स्माइल का यह कार्यक्रम किया गया इसमें महिला को हाइजीन बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है और स्वास्थ्य संबधी वो महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जिनसे वो अभिन्न थी ! इस कार्य के प्रति आजकल सरकार भी सचेतक है और महिलाओ के स्वास्थ्य के लिए बहुत सारे कार्यक्रम चला रही है संस्था प्रतिनिधि द्वारा हाइजीन सेनेटरी पेढ़ की विशेषताओं के बारे में सभी को बताया...

उद्यमिता और नेतृत्व: महिलाओं के लिए आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देना

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उद्यमिता जीवन का वो चरण है जो जीवन को स्थिरता प्रदान करता है और आजीविका को संचालित करता है और जीवन के कई कार्य सम्पादित करता है यह महिलाओं के कौशल , नेतृत्व , विचारधारा , आत्मविश्वास व् स्वाभिमान को बल देता है ! उद्यमिता विकास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हमारी महिलाओं की नेतृत्व , प्रबंधन और वाणिज्यक क्षमताओ को विकसित करना है ताकि वे जीवन में सफल उद्यमी बन सके ! यह कार्यक्रम महिलाओं को अपने उद्यम शुरू करने और प्रबंधित करने के लिए आवश्यक कौशल ज्ञान अनुभव प्रदान करता है !  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा ग्रामीण महिला शक्ति के मिलकर इसका आयोजन किया जाता है जिसमें उनको विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करता है जो उनके लिए बहुत जरुरी है इसमें पोस्टर प्रदर्शन, सेल्फी, साप सीढ़ी गेम , अखबार फोल्डिंग गेम, और पत्थर से घर निर्माण गेम के द्वारा उनका उत्साह वर्धन करता है ! और इस विषय पर सूक्षम जानकारी दिलवाता है ! जीवन में छोटी छोटी बातें जीवन की बुनियाद रखती है ! जो उसको सफल बनाने में उनकी मदद करती है ! महिला उद्यमिता विकास कार्यक्रम उन महिलाओ को सहायता प्रदान...

"उद्यमिता कौशल विकास : सपनों को हकीकत में बदलना

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जीवन में सपने हर कोई देखता है पर अनायास जीवन में अपने सपनों पर पंख लग जाना जीवन में वो परिवर्तन ला देता है जो हम कभी इस बारे में सोच नहीं सकते है ! महिलाओ का जीवन घरेलु अवस्था रूपी ही होता है पर यदि कोई कार्य में सलंग्न हो जाये तो अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत कर सकती है और परिवार में आर्थिक संचालन में अपना सहयोग कर सकती है ! इसी विषय में हमारे यहाँ राजस्थान समग्र कल्याण संस्थांन द्वारा ग्रामीण महिलाओ के साथ उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम करवाया गया जिसमे लगभग 150 महिलाओ ने भाग लिया ! उद्यमिता विकास कार्यक्रम औद्योगिकीकरण का एक अस्त्र है तथा उद्यमिता के विकास में आने वाली बाधाओं एवं समस्याओ का समाधान करता है परियोजना का कुशलतापूर्वक संगठन एवं सचालन करने के लिए प्राथमिक प्रबंधीय चातुर्य को प्राप्त करना है !  मेरा नाम पिंकी चौधरी है मैं एक ग्रामीण महिला हूँ ! जो अपने घरेलु कार्यों में सलग्न रहती हूँ इसके अलावा मैं स्वयं का ब्यूटी पार्लर का कार्य खोलना चाहती हूँ इसकी प्रेरणा मुझे राजस्थान समग्र कल्याण संस्थांन के द्वारा 1 दिवसीय उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम से प्राप्त हुई ! वास्तव मे...

"जीवन कौशल विकास कार्यक्रम: महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव एक सशक्तिकरण पहल"

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जीवन को सुचारु रूप से व्यवस्थित ढंग से चलाने और सकारात्मकता कौशल को ग्रहण कर उसे अपनाकर जीवन की चुनौतियों को समाप्त करना जीवन कौशल कहलाता है ! इसमें जीवन को सरल और सहज बनाने पर जोर दिया जाता है ! जो हमको समय प्रबधन ,अच्छे विचारों की प्राप्ति , सम्बन्धों में आपसी सुधार , स्वयं को कौशल पूर्ण बनाना व् सहायक आदतों का एक मिला जुला रूप है यह सम्पूर्ण मानव जीवन को कार्य व्यवस्थित करता है और भविष्य की समस्याओँ का निस्तारण करने में हमारी सहायता प्रदान करता है ! राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहो में यह कार्यक्रम बड़ी सफलतापूर्वक करवाया जा रहा है ! 12 गांव की लगभग 155 महिलाओँ के 12 समूहों को यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इसके साथ पुराण किया गया ! इस कार्यक्रम में सभी महिलाओ ने उत्साह के साथ इसमें भाग लिया !  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान के संस्था प्रतिनिधियों द्वारा इसे और अधिक रुचिपूर्ण बनाने हेतु कई मनोरजक ज्ञानवर्द्धक खेलकूद के माध्यम से जीवन कौशलता का ज्ञान इनको देने का अचूक प्रयास किया ! जिसमे अधिकतम महिलाओं ने शिरक़त की इसके अलावा पोस्टर द्वारा , सेल्फी से, आपसी व...

"जल की महत्ता और संरक्षण पर जागरूकता: समाज में बदलाव लाने की कोशिश"

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जल का संरक्षण मानव जीवन संरक्षित करने के समान है बिना जल के जीवन की व्याख्या करना अधूरा सा है जल हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण है यह सबको ज्ञात है वर्षा के जल को हम किस तरह से संग्रहित करके उसे अपने दैनिक जीवन में उपयोग के योग्य बना सकते है और किस तरह समाज को जल संरक्षण का अर्थ व् पानी बर्बादी तथा प्रदूषण को रोकने के लिए हम प्रेरित कर सकते है यह सभी बाते इस कार्यक्रम में स्कूली छात्र - छात्राओं के मध्य की जाती है और इस विषय पर गहनतम पूर्व विचार लिए व् दिए जाते है ! राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा 1 दिवसीय इस विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया जाता है !  संस्था द्वारा पोस्टर, सेल्फी, नारे, रैली, सम्बोधन, संवाद, चित्रकला, अभिव्यक्ति और अनेको गतिविधियों के माध्यम से यह बातें इनको समझाई जाती है ! संस्था के कुशल प्रतिनिधि इस कार्यक्रम को संचालित करते है और साथ ही जो भी विषय मानव जीवन के लिए ख़तरा बने हुए है उसका समाधान योजना बहुत आवश्यक है वही तो हमारी आने वाली पीढ़ियों को और अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा ! समय रहते हमे इसके बचाव के उपाय खोजने होंगे तभी इस समस्या से हमे निजात पा ...

"अंतर को भरना: कमजोरों के प्रति समुदाय की प्रतिबद्धता"

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बुढ़ापा , गरीबी, विवशता, लाचारी, शारारिक विकलांगता , मानसिक अवस्थिति आदि ये वो अवस्थायें है जहाँ इंसान चाह कर भी कुछ नहीं कर पाता है ! समाज के ऐसे ही वर्ग जिसमे असहाय , गरीब, विधवा , अपाहिज , कुष्ठ रोगी, टी. बी मरीज, एकल महिला , मानसिक विकलांगता से पीड़ित लोगों की सेवार्थ राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा वर्ष भर समय समय पर इन लोगों को राशन सामग्री का वितरण किया जाता है ! जो उनकी दैनिक खाद्य परेशानियों में उनकी मदद करता है ! इस सामग्री में भरपूर पोषण सामग्री होती है जो उनके शारारिक विकास की पूर्ति करने में सहायक सिद्ध होती है ! अपनी इन जरूरतों को पूरा नहीं कर पाना कही न कही इसकी लाचारी को दिखाता है ! संस्थान का भरसक प्रयास होता है जो अति आवश्यक मदद के लिए जरूरतमंद है उसको वो सुविधा आवश्यक रूप से उपलब्ध हो सके !  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा पहले तो उस गांव में सर्वे किया जाता है फिर इस तरह से जीवन यापन कर रहे लोगों को चिन्हित किया  जाता है ! फिर उसके पश्च्यात उन्हें यह राशन सामग्री दी जाती है ! शरीर को सही तरह से बहुत सारे पोषण तत्वों की आवश्यकता होती है ! जो इनको उप...

"समाजिक बदलाव की नींव: महिलाओं के लिए उद्यमिता प्रशिक्षण"

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मेरा नाम केसर सिंह है मैं जालिया गांव का सरपंच हूँ वर्तमान में हमारे यहाँ राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान के द्वारा गांव में महिलाओं के साथ जीवन कौशल व् उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया ! जिसमे गांव की लगभग 350 महिलाओं ने भाग लिया ! इस कार्यक्रम में महिलाओं से संबंधित कार्यो के बारे में पूछा गया और लघु व् कुटीर उद्योगो के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया ! जीवन का अपने कार्य से कैसे हम कुशल संचालन करे और उसके लिए किन बातों की आवश्यकता होती है इन बातों पर चर्चाये की गई ! साथ ही ग्रामीण परिवेश में किस किस प्रकार के लघु व् कुटीर उद्योगो के जरिये महिलाये अपनी आर्थिक गतिविधियाँ संचालित करती है उस विषय पर विभिन्न माध्यमो से इन्हे अवगत करवाया गया !  जीवन का चहुँमुखी विकास तभी संभव होगा जब परिवार का हर सदस्य आर्थिक गतिविधि कार्य में निहित हो और उसका समय समय पर ध्यान रखता हो ,घर में मात्र एक जाने के कमाने से सभी घरेलु खर्च पूर्ण नहीं हो पाते है ! अंत जीवन रूपी इस गाड़ी का अपने सभी पहियों पर बराबर चलना बहुत जरुरी है ! आज भी हमारे ग्रामीण इलाको में स्त्री का घर से निकलना अच्छा नही...

"विपत्ति में सहायता: गरीब परिवारों के लिए सुरक्षा की छत एक मानवीय सेवा''

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शहर में ऎसे स्थान है जहाँ पर समाज के गरीब व् वंचित परिवार निवास करते है इनमें स्ट्रीट , झुग्गी झोंपड़ी , स्लम एरिया व् निचले इलाकों की गरीब बस्तियाँ सम्मिलित है ! इनके जीवन में कही न कही हर वस्तु का अभाव बना रहता है यह इतने सक्षम नहीं होते की स्वयं की भी जरूरते पूरी कर सके और बहुत कठिनाई पूर्ण अवस्था में अपना जीवन यापन करते है ! यह सभी लोगों के स्थाई निवास  नहीं होते है सभी अधिकतर अस्थाई डेरों , झोपड़ियों में निवास करते है ! जो प्राय आंधी ,तूफ़ान, बरसात व् प्राकर्तिक व् मानवीय कारणों से ध्वस्त हो जाते है ! इस वर्ष अत्याधिक बरसात के कारण इन लोगों को बहुत ज्यादा परेशानी होने लगी अंत इनके जीवन की सुरक्षा को देखते हुए राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान अजमेर द्वारा ऐसे 50 गरीब व् निर्धन परिवारों को त्रिपाल वितरण किया गया ताकि जहाँ ये रह रहे है उसे सुरक्षित किया जा सके ! यह एक मानवीय सेवा है जिसका उद्देश्य हर जीव की रक्षा व् सुरक्षा कर उसके प्राण बचाना है ! बरसात के कारण अधिकतर निचले भागों में पानी भर जाता है जिसके कारण इन गरीब परिवारों के ऊपर एक विपदा आ पड़ती है ! और इनको अपने डेरों को अन्यंत्...