बाल विवाह उन्मूलन अभियान: लाड़ो बालिका केंद्र से सुरक्षित भविष्य की ओर
राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा संचालित लाड़ो बालिका केंद्र में बाल विवाह रोकथाम एवं उन्मूलन अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देना था। आज भी समाज के कई हिस्सों में बाल विवाह एक गंभीर समस्या बना हुआ है, जो बालिकाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य में बड़ी बाधा उत्पन्न करता है। ऐसे में यह अभियान बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बालिकाओं को सरल भाषा में समझाया कि बाल विवाह न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी हानिकारक है। बालिकाओं को शिक्षा के महत्व, आत्मनिर्भर बनने और अपने निर्णय स्वयं लेने के अधिकार के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही, उन्हें सरकार द्वारा बनाए गए बाल विवाह निषेध कानून और सहायता सेवाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि वे किसी भी प्रकार की समस्या आने पर सही जगह मदद ले सकें।
इस अभियान में संवादात्मक गतिविधियाँ, प्रश्न-उत्तर सत्र और प्रेरणादायक उदाहरणों के माध्यम से बालिकाओं में आत्मविश्वास जागृत किया गया। बालिकाओं ने खुलकर अपनी बातें रखीं और यह संकल्प लिया कि वे स्वयं बाल विवाह का विरोध करेंगी तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करेंगी। केंद्र के शिक्षकों ने बालिकाओं को निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन देने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के अंत में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि शिक्षित और जागरूक बालिका ही सशक्त समाज की नींव होती है। राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान का यह बाल विवाह उन्मूलन अभियान न केवल बालिकाओं को सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाने वाला कदम है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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