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फ़रवरी, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

पशुपालन से महिला सशक्तिकरण की मजबूत पहल

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राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के लिए पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ना था। कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को विशेष रूप से बकरी पालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, क्योंकि यह कम लागत में अधिक लाभ देने वाला और ग्रामीण महिलाओं के लिए उपयुक्त व्यवसाय है। प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों ने बकरी पालन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। महिलाओं को उपयुक्त नस्लों का चयन, आवास व्यवस्था, संतुलित आहार, टीकाकरण, रोगों की पहचान एवं रोकथाम, तथा प्रजनन प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं। साथ ही, यह भी बताया गया कि बकरी पालन को छोटे स्तर से शुरू कर धीरे-धीरे व्यावसायिक रूप में कैसे विकसित किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं को साझा करते हुए व्यावहारिक प्रश्न पूछे। इस कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। बकरी पालन स...

वित्तीय जागरूकता से सशक्त बनती महिलाएं

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  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) के साथ आर्थिक सशक्तिकरण  कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना, उन्हें बचत और ऋण जैसी सुविधाओं के प्रति जागरूक करना और उनके आर्थिक अधिकारों के प्रति सजग बनाना था। कार्यक्रम में महिलाओं को बैंक खाते खोलने, डिजिटल बैंकिंग, लोन प्रक्रिया और बचत योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने महिलाओं को बताया कि कैसे वे अपने समूह के माध्यम से संयुक्त रूप से ऋण ले सकती हैं और छोटे व्यवसाय या कृषि गतिविधियों में निवेश कर अपनी आय बढ़ा सकती हैं। महिलाओं ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे और अपने अनुभव साझा किए, जिससे कार्यक्रम और भी प्रभावी बना। इस पहल से न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा, बल्कि उन्हें अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भागीदारी करने का अवसर भी मिला। ग्रामीण महिलाएं अब बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से अपने व्यवसाय और घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में सक्षम हो सकेंगी। राजस्थान...

“मेरा बचपन, मेरा अधिकार” – संदेश समाज तक

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 RSKS India द्वारा संचालित लाड़ो बालिका केंद्र में “मेरा बचपन, मेरा अधिकार” कार्यक्रम के तहत बालिकाओं ने अपने गांव में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करना और बालिकाओं में आत्मविश्वास तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करना था। नाटक में बालिकाओं ने बाल विवाह, शिक्षा, समानता और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। बालिकाओं ने नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया कि प्रत्येक बच्चा सुरक्षित, शिक्षित और खुशहाल जीवन जीने का हकदार है। उनके प्रदर्शन में समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता और बाल अधिकारों की अनदेखी को उजागर किया गया। दर्शकों में ग्रामीण लोग, अभिभावक और पड़ोसी शामिल हुए, जिन्होंने नाटक को देखकर बालिकाओं की प्रतिभा की सराहना की और बच्चों के अधिकारों के महत्व को समझा। यह नुक्कड़ नाटक केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं था, बल्कि यह समाज को सकारात्मक संदेश देने का एक सशक्त माध्यम भी बना। बालिकाओं ने मंच पर अपनी भूमिका निभाते हुए दिखाया कि वे केवल समाज की संवेदनशील जागरूकता की वाहक ही नहीं, बल्कि परिवर्तन की छोटी-छ...

सशक्त महिलाएँ, समृद्ध गांव: पशुपालन और जैविक खाद कार्यक्रम

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  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा ग्रामीण स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के लिए पशुपालन और जैविक खाद प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कृषि और पशुपालन से जुड़े आधुनिक और व्यावहारिक ज्ञान से अवगत कराना था, ताकि वे अपनी आय बढ़ा सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बना सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी से खेती और पशुपालन को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है, और यही सोच इस कार्यक्रम के पीछे थी। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पशुपालन की आधुनिक तकनीक, पशुओं की देखभाल, पोषण, रोग प्रबंधन और दूध उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही जैविक खाद बनाने और उपयोग करने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने यह समझाया कि जैविक खाद न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है, बल्कि रासायनिक खाद के उपयोग को कम करके पर्यावरण को भी सुरक्षित रखती है। महिलाओं ने सक्रिय रूप से प्रशिक्षण में भाग लिया और अपने खेत और पशुपालन अनुभव साझा किए, जिससे कार्यक्रम और भी संवादात्मक और प्रभावी बन गया। इस प्रशिक्षण से महिलाओं में आत...

सर्दी में राहत, मानवता के साथ: जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण

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  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा सर्दी के मौसम में समाज के सबसे जरूरतमंद वर्गों की सहायता हेतु कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मानवीय पहल के अंतर्गत स्ट्रीट, स्लम क्षेत्रों में रहने वाले लोग, बेघर, अनाथ, बेसहारा, गरीब, विकलांग, निर्धन, मंदबुद्धि तथा अकेली महिलाओं को सर्दी से बचाव के लिए कंबल वितरित किए गए। ठंड के मौसम में जब तापमान गिर जाता है, तब इन वर्गों के लिए जीवनयापन अत्यंत कठिन हो जाता है। ऐसे में यह कार्यक्रम उनके लिए राहत और सुरक्षा का माध्यम बना। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर जरूरतमंद लोगों की पहचान की और उन्हें कंबल प्रदान किए। कंबल पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दी। इस अवसर पर संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि सर्दी के मौसम में पर्याप्त गर्म वस्त्र न होने के कारण कई लोग बीमारियों का शिकार हो जाते हैं, जिससे उनका जीवन संकट में पड़ जाता है। कंबल वितरण का उद्देश्य केवल ठंड से बचाव ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को यह एहसास दिलाना भी है कि समाज उनके साथ खड़ा है। इस पहल के माध्यम से समाज में मा...