महिला SHG के लिए प्राथमिक अभिविन्यास:समता निर्माण से आत्मनिर्भर महिलाएँ

 

राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों की महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के लिए प्राथमिक अभिविन्यास एवं क्षमता निर्माण विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को समूह की अवधारणा, आपसी सहयोग, समानता और सामूहिक विकास के महत्व से परिचित कराना था, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझ सकें।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान महिलाओं को स्वयं सहायता समूह की संरचना, नियम, नियमित बैठकों का महत्व, बचत एवं आपसी लेन–देन, निर्णय प्रक्रिया और नेतृत्व विकास जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही क्षमता निर्माण के अंतर्गत महिलाओं को लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय, आपसी सम्मान, भेदभाव से मुक्ति और समान अवसरों के बारे में जागरूक किया गया। प्रशिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए समूह चर्चा, गतिविधियाँ और वास्तविक जीवन के उदाहरणों का सहारा लिया गया, जिससे महिलाएँ विषयों को आसानी से समझ सकें।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें सामाजिक व आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं ने यह समझा कि एकजुट होकर कार्य करने से वे अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं कर सकती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। क्षमता निर्माण की अवधारणा ने महिलाओं को अपने परिवार और समुदाय में समान अधिकारों के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा दी।

प्रशिक्षण के अंत में महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और भविष्य में समूह को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान का यह प्रयास महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल है, जो ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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