राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा ग्रामीण स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के लिए पशुपालन और जैविक खाद प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कृषि और पशुपालन से जुड़े आधुनिक और व्यावहारिक ज्ञान से अवगत कराना था, ताकि वे अपनी आय बढ़ा सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बना सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी से खेती और पशुपालन को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है, और यही सोच इस कार्यक्रम के पीछे थी।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पशुपालन की आधुनिक तकनीक, पशुओं की देखभाल, पोषण, रोग प्रबंधन और दूध उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही जैविक खाद बनाने और उपयोग करने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने यह समझाया कि जैविक खाद न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है, बल्कि रासायनिक खाद के उपयोग को कम करके पर्यावरण को भी सुरक्षित रखती है। महिलाओं ने सक्रिय रूप से प्रशिक्षण में भाग लिया और अपने खेत और पशुपालन अनुभव साझा किए, जिससे कार्यक्रम और भी संवादात्मक और प्रभावी बन गया।
इस प्रशिक्षण से महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना बढ़ी। वे न केवल अपने पशुपालन और कृषि कार्य को बेहतर तरीके से संचालित कर सकेंगी, बल्कि अपनी कमाई में भी वृद्धि कर सकती हैं। राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान का यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने, उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र करने और उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निश्चित रूप से, यह प्रशिक्षण महिलाओं के लिए न केवल आजीविका का स्रोत है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में भी प्रेरित करता है ।
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