“मेरा बचपन, मेरा अधिकार” – संदेश समाज तक
RSKS India द्वारा संचालित लाड़ो बालिका केंद्र में “मेरा बचपन, मेरा अधिकार” कार्यक्रम के तहत बालिकाओं ने अपने गांव में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करना और बालिकाओं में आत्मविश्वास तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करना था। नाटक में बालिकाओं ने बाल विवाह, शिक्षा, समानता और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।
बालिकाओं ने नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया कि प्रत्येक बच्चा सुरक्षित, शिक्षित और खुशहाल जीवन जीने का हकदार है। उनके प्रदर्शन में समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता और बाल अधिकारों की अनदेखी को उजागर किया गया। दर्शकों में ग्रामीण लोग, अभिभावक और पड़ोसी शामिल हुए, जिन्होंने नाटक को देखकर बालिकाओं की प्रतिभा की सराहना की और बच्चों के अधिकारों के महत्व को समझा।
यह नुक्कड़ नाटक केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं था, बल्कि यह समाज को सकारात्मक संदेश देने का एक सशक्त माध्यम भी बना। बालिकाओं ने मंच पर अपनी भूमिका निभाते हुए दिखाया कि वे केवल समाज की संवेदनशील जागरूकता की वाहक ही नहीं, बल्कि परिवर्तन की छोटी-छोटी कड़ी भी हैं। इस तरह की गतिविधियाँ न केवल बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं, बल्कि पूरे गांव में शिक्षा और समानता के प्रति जागरूकता फैलाती हैं। RSKS India की यह पहल यह साबित करती है कि जब बच्चों को सही मंच और अवसर दिया जाए, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होते हैं।
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