"विकलांगता के प्रति संवेदनशीलता: विश्व विकलांगता दिवस पर राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान का प्रेरणादायक कार्य


विकलांगता या दिव्यांगता एक शारारिक अक्षमता है जो सार्थक रूप में कार्य करने में हमे असक्षम बनाती है। यह शरीर में कई प्रकार से हो सकती है।  विकलांगता कोई अभिशाप नहीं है अपितु हमारी मानसिकता प्रबल न होने की वजह है।  कई बार इसकी वजह जन्मजात होती है तो कई बार दुर्घटनाओं के कारण भी शरीर में विकलांगता आ जाती है।  राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान विगत कई वर्षो से इनके साथ कई प्रकार के कार्य कर रही है।  जिसमे उनकी समस्याओं को जानकार उसे दूर करने का यथासंभव प्रयास किया जाता है।  इन्हे भी समाज का हिस्सा मानकर सामाजिक कार्यो के लिए प्रेरित किया जाता है। 


हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा विश्व विकलागंता दिवस नजदीक के केसरपुरा ग्राम में आयोजित किया गया।  जिसमें संभाग के बहुत से विकलांगों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की।  संस्था द्वारा इनके साथ हर्षोउल्लास पूर्वक यह कार्यक्रम मनाया गया।  जिसमें सरस्वती वंदना करके माल्यापर्ण किया गया।  इसके पश्चायत बच्चों द्वारा नृत्य, गायन, अभिभाषण, खेलकूद, नाटक मंचन, व् विविध प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की गई।  जो काफी उत्साह से भरी थी। यह कार्यक्रम उनमे नीरसता को समाप्त करके उनमें एक नई ऊर्जा का संचालन करता है। और समानता के साथ सभी को मंच पर अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित करता है। यह बहुत जरुरी है इनको समाज के हर कार्यो में शामिल किया जाए।  जिससे यह अपनी क्षमताओ का विकास कर सके।  और अपने जीवन को सुव्यवस्थित कर सके।  


संस्था व् सयुंक्त राष्ट्र संघ का मानना है यह दिवस विकलांगता के मुद्दों की समझ को बढ़ावा देगा और विकलांग व्यक्तियों की गरिमा, अधिकारों और कल्याण के लिए समर्थन जुटाना है।  यह कार्यक्रम उनके संग , उनके बीच रहकर ही किया जाता है।  जिसमे उनकी भागेदारी का अहम् स्थान रखा जाता है। जो कभी उनको यह सोचने पर मजबूर न करें की वो इस समाज से पृथक है। राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान इन्हे हर बात के लिए प्रोत्साहित करती है। और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।  यह दिन समाज और विकास के हर विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों और कल्याण को बढ़ावा देने और राजनितिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन के सभी पहलुओं में विकलांग व्यक्तियों की स्थिति के बारे में जागरूकता बढ़ाने के बारे में है।  संस्थान के इस कार्य से कई विकलांग जनों को इसका लाभ प्राप्त हुआ है भविष्य में भी संस्था इनके लिए सदा तत्पर रहेंगी।  कार्यक्रम के अंत में सभी में संस्था को धन्यवाद दिया व् उनके द्वारा करवाए जा रहें इस नेक कार्य की बहुत प्रशंसा की और कार्यक्रम समाप्त किया गया।  


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