शिक्षा ही भविष्य व चरित्र निर्माता





 मेरा नाम अनीता है मैं अजमेर के स्लम एरिया मे रहती हूँ  मैं बहुत गरीब महिला हूँ  अपने बच्चो को शिक्षा व् आवास भी उपलब्ध नहीं करा सकती , मेरे 4 बच्चे है जो घर पर ही रहते है मैं उनको शिक्षा दिलवाने मे असमर्थ हूँ गरीबी के कारण परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल होता है जरुरतें हमेशा बनी रहती है मैं अस्थाई रूप से झोपडी मे निवास करती हूँ। 


फिर एक दिन हमारे यहाँ राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान टीम के प्रतिनिधि आये और बताया की यहाँ रहने वाले बच्चो के साथ शिक्षा कार्यक्रम चलाएंगे जिसमे उन सभी बच्चो को प्राथमिक ज्ञान दिया जायेगा। जिसमे उनमे दुनिया की समझ का विकास होगा और आने वाले जीवन मे उनकी राहे उन्नत होगी , फिर उन्होंने 6 दिवसीय एक शिक्षा कार्यक्रम हमारे यहाँ प्रारंभ किया , सभी बच्चो ने इस कार्यक्रम मे उत्साह के संग भाग लिया जिसमे उनको अक्षर ज्ञान ,गिनती ,पहाड़े ,कविताये ,रंगो के माध्यम  से जानकारियां ,प्रतियोगिताएं ,खेलकूद ,पोस्टर ,आदि के द्वारा उन्हें ज्ञानात्मक ज्ञान प्रदान किया जाता है। जिसको देखकर जानकर वो भी भली भांति उनकी समझ मे समाहित होती है। 


इस कार्यक्रम के माध्यम से उनमे रूचि का विकास हो रहा है जिसके फलस्वरूप उनकी ललक व् ज्ञान स्कूल जाने की तरफ बढ़ रही है। संस्था के मास्टर ट्रेनर द्वारा सभी को हस्ताक्षर करना सिखाया गया। सभी बच्चो को वहां प्राथमिक साक्षरता ज्ञान दिया गया। जिसमे उनमे उत्साह देखते ही बनता था। इस कार्यक्रम के माध्यम  से सभी बच्चो की पढाई के प्रति जो भावना और उत्साह और ललक देखी वो क़ाबिले तारीफ़ थी। 


हम सभी समुदाय वासी राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान के इस कार्य  को धन्यवाद करते है। जिसके माध्यम मे यह कार्यक्रम और अधिक रुचिकर बना कर बच्चो को शिक्षा के लिए जाग्रत किया। समाज में यह हमारा पिछड़ापन देख हम उस अवस्था में जाने का मात्र सपना देखते है। जो संभव नहीं हो सकता है। राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान द्वारा यह कार्य बहुत प्रेरणा स्रोत है जिसमे यह सभी बच्चे अब पढ़ाई की और अग्रसर हो सकेंगे, और अपना आने वाला कल सवार सकेंगे। इस तरह के हम वंचित परिवारों के बच्चो के लिए यह कार्यक्रम बहुत ही लाभप्रद है जिसमे बच्चो का भविष्य सभाला जा सकता है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Stand Together Against COVID-19

"सिलाई से स्वावलंबन तक: ग्रामीण महिलाओं की नई उड़ान"

क़ानूनी जागरूकता: महिलाओं और बालिकाओं के लिए सशक्तिकरण का माध्यम